What a sweet love between girl and boy from their school life

love, kiss

यह स्टोरी एक बहुत ही सच्ची मोहब्बत की दुनिया में खोए हुए एक गर्लफ्रेंड और एक बॉयफ्रेंड से रिलेटिव बहुत ही रोमांटिक Love स्टोरी है। जिसमें एक लड़का होता है उसका नाम काव्य है। काव्य अपनी स्कूल लाइफ के समय में आठवीं क्लास में पढ़ता था जब उसे एक लड़की से प्यार हुआ था। उसकी गर्लफ्रेंड का नाम स्नेहा था। काव्य और स्नेहा की मोहब्बत सागर की गहराई जैसी गहरी थी। काव्य स्नेहा को अपनी जान से भी ज्यादा प्यार करता था और स्नेहा भी काव्य को बहुत प्यार करती थी। लेकिन काव्य इस बात से बहुत परेशान था कि उसकी कभी स्नेहा को kiss करने की हिम्मत नहीं हुई। लेकिन स्नेहा इस बात को सोचती थी कि काव्य मुझसे इतनी मोहब्बत करता है फिर भी उसने मुझे आज तक kiss नहीं किया अगर स्नेहा काव्य को जरा सा भी इशारा करके बता देती तो शायद काव्य भी उस को किस करने के लिए जरा सा भी पीछे नहीं रहता क्योंकि काव्य को उस पल का बेसब्री से इंतजार था। खैर कोई नहीं आगे पढ़ते हैं कि उनकी लाइफ में क्या होता है? क्या वह दोनों आपस में एक दूसरे को kiss कर पाएंगे या फिर उनका प्यार सिर्फ एक सूखा प्यार ही बनकर रह जाएगा ?

अगले दिन जब काव्य स्कूल जाने के लिए तैयार हुआ था तो उसके माइंड में सिर्फ एक ही ख्वाब था कि आज मुझे हर हाल में स्नेहा को kiss करना है। इसी सोच की वजह से काव्य को अपना लंच बॉक्स ले जाना याद नहीं रहा। वह अपने स्कूल पहुंच गया। स्कूल में उसने देखा कि अभी स्नेहा स्कूल नहीं पहुंची है तो वह परेशान हो गया क्योंकि वह स्नेहा को एक पल के लिए भी अपने से अलग नहीं देखना चाहता था। घर जाने के बाद भी काव्य अपना स्कूल वर्क करने से पहले घंटों भर तक स्नेहा से बात करता था, गेम खेलने के बहाने कभी वह अपने भाई का मोबाइल फोन यूज करता था तो कभी किसी का। जब स्नेहा ने स्कूल में एंट्री की तो उसने चैन की सांस ली और साथ में वह स्नेहा को चूमने के लिए बहुत ही ज्यादा एक्साइटेड दिख रहा था, लेकिन काव्य डायरेक्टली स्नेहा को kiss करने के लिए नहीं बोल सकता था। उसको एक मौके की जरूरत थी और एक ऐसे मौके कि जिससे कि स्नेहा काव्य के बिना किसी इशारे के उसे kiss करने को मजबूर हो जाए और उन दोनों की Love स्टोरी के बीच एक अच्छी सी मिठास बनी रहे।

क्लास का सेकंड पीरियड चल रहा था, हालांकि उनकी क्लास को अटेंड करने वाला टीचर आया नहीं था तो काव्य, स्नेहा और उनके दोस्त बाहर गार्डन में मटरगस्ती करने के वास्ते घूमने निकल गए। काव्य चलते हुए जानबूझकर स्नेहा के ऊपर गिर पड़ा, उस वक्त वह नजारा बहुत ही ज्यादा रोमांटिक था स्नेहा नीचे लेटी थी और काव्य स्नेहा के ऊपर लेटा हुआ था। कुछ पल के लिए दोनों ने एक दूसरे की आंखों में देखा, उनका रोमांटिक Love कुछ अलग ही दिख रहा था। उनके दोस्तों का मुंह खुला का खुला रह गया। स्नेहा ने काव्य के भीगे होंठों की तरफ देखा तो काव्य ने भी स्नेहा के होठों से अपने होठों की दूरियों को काफी नजदीक कर लिया।

उधर काव्य की मम्मी उसका लंचबॉक्स लेकर स्कूल पहुंची क्योंकि वह अपना लंच बॉक्स ले जाना भूल गया था। जैसे ही काव्य की मम्मी उसके स्कूल पहुंची तो काव्य के दोस्तों ने उसकी मम्मी को देख लिया, उस समय काव्य और स्नेहा के होंठों के बीच सिर्फ 1 इंच का ही फासला रह गया था दोनों एक दूसरे को kiss करने ही वाले थे कि तभी उसके दोस्तों ने चिल्लाकर उन दोनों को kiss करने से रोक लिया। अच्छा हुआ काव्य की मम्मी ने उन दोनों को नहीं देखा वरना उनके Love का बैंड बज जाता। लंच देकर काव्य की मम्मी वहां से चली गई, दोनों ने चैन की सांस ली। नेक्स्ट पीरियड अटेंड करने के लिए काव्य स्नेहा और उनके दोस्त क्लास में पहुंचे, उनके दोस्त काव्य की आगे वाली सीट पर बैठे थे और स्नेहा और काव्य दोनों सबसे पीछे बराबर में बैठे हुए थे। टीचर मैथ की क्लास ले रहा था। सारे स्टूडेंट की नजर ब्लैक बोर्ड पर थी लेकिन काव्य का ध्यान बार-बार स्नेहा की तरफ भटक रहा था। टीचर की क्लास लेने के वक्त उन दोनों पर नजर भी थी, उन दोनों ने उस टीचर की नजर से बच कर kiss कर लिया लेकिन जल्दबाजी में काव्य ने स्नेहा के गाल पर kiss कर लिया जैसे छोटे बच्चों को किया जाता है, काव्य को मजा नहीं आया।

काव्य स्नेहा को अपने साथ एक ऐसी जगह ले गया जहां कोई आता-जाता ना हो, काव्य ने स्नेहा को वहां kiss करने की कोशिश की लेकिन वहां एक आदमी टॉयलेट कर रहा था, जिसने उन दोनों को देख लिया। उसने दोनों को देखकर शोर मचा दिया, लेकिन फूटी किस्मत बेचारे दोनों को वहां से इमरजेंसी में निकलना पड़ा, काव्य बड़ा परेशान था। उसने भी स्नेहा को kiss करने की कसम खा ली। काव्य स्नेहा को लेकर पिकनिक पर चला गया दोनों ने बस में लास्ट वाली सीट ले ली और अपने मुकाम के लिए चल दिए। स्नेहा चुप सी बैठी हुई थी, काव्य ने स्नेहा की तरफ कुछ पल के लिए देखा और फिर नजर हटा ली, स्नेहा ने भी काव्य की तरफ देखा लेकिन उसने नजर ना हटाकर अपना बाया हाथ काव्य के दाहिने हाथ में फंसा लिया, फिर काव्य ने भी स्नेहा की तरफ देखा तो उसी वक्त स्नेहा ने एक पल के लिए काव्य के होठों को छू लिया फिर दोनों ने बिना किसी की शर्म किए बगैर होंठों की दूरियों को मिटा लिया और कम से कम 10 मिनट तक दोनों ने kiss किया, उस वक़्त काव्य बहुत खुश था जब उसे अपने इस Love का पहला तोहफा मिला। उसके बाद जब भी दोनों का मन करता तो कभी भी कहीं भी kiss कर लेते थे।

 

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