My friend- Reason of the death of my love

love story

विवेक और सोनम की आपस मे बहुत गहरी दोस्ती थी, एक दूसरे सिर्फ़ दोस्त ही नहीं बल्कि आपस मे बहुत प्यार भी करते थे। आने वाले टाइम मे सोनम विवेक की होने वाली मंगेतेर भी थी। आँचल नाम की एक लड़की की सोनम और विवेक से अच्छी दोस्ती थी जो ज़्यादातर टाइम सोनम और विवेक के साथ बिताती थी।

विवेक-  यार सोनम आज मैं सिनेमा जा रहा हूँ फिल्म देखने के लिए, तुम भी चलोगी ना ?

सोनम- नहीं विवेक…आज मेरा बिल्कुल भी मूड नहीं है, फिर कभी प्लीज़ ! आज मुझे बहुत थकान महसूस हो रही है……तो कल चलें ?

आँचल- सोनम चलो प्लीज़..मैने भी ख़भी भी सिनेमा में फिल्म नहीं देखी….आज मौका मिला है तो……..प्लीज़ चलो ना प्लीज़ ! प्लीज़ ! प्लीज़ !

विवेक- चलो सोनम, अब तो आँचल भी कह रही है…… तीनो कार मे चलते हैं ना……

आँचल सोनम और विवेक तीनो कार मे बैठकर सिनेमा की ओर चल दिए। मूवी देखकर तीनो पास के एक रेस्टोरेंट मे पहुँच गये। वहाँ उन्होने खाना खाया। उसके बाद सीधे सी बीच पर निकल गये. सी बीच पर तीनो ने काफ़ी मस्ती की। विवेक और सोनम ने थोड़ा बहुत रोमॅन्स भी किया।

जब तक विवेक की सोनम के साथ शादी भी नहीं हुई थी, शादी से पहले  इतना सब कुछ विवेक करता था। लेकिन विवेक और सोनम की दोस्त आँचल के मन मे विवेक के साथ कुछ और ही था। आँचल चाहती थी की विवेक मुझे प्यार करे और मुझसे शादी करे। लेकिन विवेक को इतना सब कुछ नहीं पता था की सोनम के अलावा कोई और मुझसे प्यार करने के लिए कहे। क्यूंकि  अधिकतर आस पास के लोगों को पता था की विवेक की सोनम के साथ शादी होगी क्यूंकि  वो सोनम से प्यार करता है।

लेकिन आँचल को सब कुछ पता होने के बाद भी एक दिन विवेक से कहने लगी – विवेक तुम्हे पता है मै तुम्हारे पास क्यूँ आई हूँ ? कुछ स्पेशल वजह भी हो सकती है…………दरअसल बात ये है कि मैं……तुमसे…….प्यार……..करती…….हूँ. तुम्हे हमेशा के लिए अपना बनाना चाहती हूँ।

ऐसा सुनकर विवेक एक साथ चौंक गया और कुछ पल के लिए आँचल की तरफ देखा। लेकिन ठंडे दिमाग़ से कुछ सोचकर बोला- आँचल, तुम मुझसे प्यार करती हो….लेकिन मेरी ज़िंदगी में सोनम है जो मुझसे पहले से ही प्यार करती है और अगले महीने हम दोनो की शादी भी है।

आँचल – नहीं विवेक तुम ऐसा नहीं कर सकते…….मै तुमसे प्यार करती हूँ और तुमसे शादी करना चाहती हूँ…….इसके लिए तुम कुछ भी करो….मैं नहीं जानती।

विवेक- ठीक है…..अगर तुम मुझसे प्यार करती हो तो मैं तुमसे शादी करने के लिए तैयार हूँ……लेकिन एक शर्त है !

आँचल- वो क्या ?

विवेक- वो ये कि अगर सोनम मुझसे किसी भी बात पर नाराज़ हो जाए या किसी भी वजह से मुझसे नफ़रत करने लगती है और मुझसे शादी करने के लिए इंकार कर दे……..तब तुम मेरी ज़िंदगी मे आ सकती हो. बोलो मंजूर है ?

आँचल ने कुछ देर तक सोचकर बोला- ठीक है मुझे तुम्हारी शर्त मंजूर है।

विवेक आँचल से शादी नहीं करना चाहता था और उसने आँचल से ऐसा इसलिए बोला था क्यूंकि  विवेक जानता था कि सोनम मुझसे शादी के लिए कभी इंकार नहीं करेगी क्यूंकि दोनो आपस मे बहुत प्यार करते थे।

उसके बाद आँचल ने सोनम को विवेक के खिलाफ उल्टी पट्टी पड़ाने शुरू कर दी लेकिन सोनम पर आँचल की बातों का ज़रा भी असर नहीं पड़ा। क्यूंकि  सोनम को विवेक के करेक्टर का तिनका तिनका पता था कि मेरा विवेक कैसा है। अब तो आँचल भी सोनम को समझाते समझाते थक गयी थी…….हार कर उसने सोनम को अपने घर बुलाया।

आँचल का एक दोस्त था जो कि गुंडागिरी और मारकाट करता था। फिर क्या था दोस्तों, जब सोनम आँचल के घर आ रही थी तो रास्ते मे ही आँचल ने सोनम को अपने दोस्त के हाथ मरवा दिया और उसकी लाश को सड़क के एक किनारे लगवा कर वहाँ से निकल लिए। हालाँकि आँचल की उसके बदमाश दोस्त के साथ सोनम को मारने की पहले ही डील हो चुकी थी।

सोनम रात घर पर नहीं लौटी तो विवेक को चिंता होने लगी. विवेक ने आँचल को फोन किया- नहीं विवेक सोनम मेरे पास तो नहीं आई…बोला तो था मैने आने के लिए लेकिन आई नहीं।

अगले दिन विवेक ने पुलिस थाने मे भी कंप्लेंट करवाई। लेकिन कोई फायदा नहीं। जहाँ तक विवेक का अनुमान था कातिल वही था लेकिन विवेक पुलिस रेकॉर्ड मे उसका नाम रेकॉर्ड नहीं करवा सकता था…….

अब विवेक सोनम की याद मे बहुत फूट फूट कर रोता था। एक दिन आँचल विवेक के पास आई और बोली-   विवेक, रोने से अब कुछ नहीं होगा……जो हुआ उसे भूल जाओ….मैं हूँ ना……और वैसे भी तुमने ही मुझसे कहा था की अगर सोनम मुझसे मुकर जाती है तो मैं तुमसे शादी करने के  तैयार हो जाऊँगा। अब शायद वो पल आ गया है।

विवेक- ( गुस्से से चिल्लाकर) अरे सोनम मुझसे मुकर नही गयी है बल्कि उसको किसी ने जानबूझकर मारा है या मरवाया है…………………..आँचल, get lost from here.

आँचल- लेकिन विवेक…

विवेक – (चिल्लाकर) I said get lost and don’t come again to me.

बेचारा विवेक अब करता भी तो क्या करता….सारी ज़िंदगी भर रोता रहा और फिर शादी तो क्या किसी से दोस्ती भी नहीं की। अब विवेक से रहा नहीं गया….कुछ समय बाद विवेक ने भी अपनी ज़िंदगी की कहानी ख़त्म कर दी. क्यूंकि  इसके अलावा विवेक के पास सोनम से मिलने का कोई और रास्ता भी नहीं था।

A story written by Lavi Garg

 

Thank you !

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